सोमवार, 22 फ़रवरी 2010

शराबी

बोतल हाथ में लिए
मस्त चाल में चलता
अनजानी सी  बातें करता
अजनबी सवालों के जवाब ढूंढता
कभी मुस्कुराता कभी झल्लाता

तुम यह मत समझना......
.....नशे में चूर...दुनिया से बेखबर...मदहोश हैं वो.....

...नजर सब पर हैं उसकी.....बस जिंदगी को पढ़ कर.......खामोश हैं वो.......

5 टिप्‍पणियां:

  1. जिंदगी की किताब पढ़ने के बाद भी कुछ ऐसी ही मस्ती छाती है जो शराब पीने के बाद आती है .... ग़ज़ब का लिखा है ...

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